आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰
आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ किसी अन्य भाषा में पढ़ें डाउनलोड करें ध्यान रखें संपादित करें अन्तरराष्ट्रीय मानक पुस्तक संख्यांक , जिसे आम तौर पर आई॰एस॰बी॰एन॰ ("इण्टरनेशनल स्टैण्डर्ड बुक नम्बर" या ISBN) संख्यांक कहा जाता है प्रत्येक पुस्तक को उसका अपना अनूठा संख्यांक (सीरियल नम्बर) देने की विधि है। इस संख्यांक द्वारा विश्व में छपे किसी भी पुस्तक को खोजा जा सकता है और उसके बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। पहले यह केवल उत्तर अमेरिका, यूरोप और जापान में प्रचलित था, परन्तु अब धीरे-धीरे पूरे विश्व में फैल गया है। आई॰एस॰बी॰एन॰ संख्यांक में 10 अंक हुआ करते थे, परन्तु 2007 के बाद से 13 अंक होते हैं। १० और १३ अंकों वाले आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ संख्यांक के अलग-अलग अंशों से पुस्तक के बारे में अलग-अलग जानकारी मिलती है इतिहास संपादित करें ब्रिटेन के मशहूर किताब विक्रेता डब्ल्यू॰ऐच॰ स्मिथ ने डब्लिन , आयरलैण्ड के ट्रिनिटी कॉलेज के गॉर्डन फॉस्टर नाम के एक सेवानिवृत्त प्रोफ़ेसर से 1966 में अपनी किताबों को संख्यांक देने की वि...